छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम पर अभद्र टिप्पणी, इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ FIR

Shantanu Roy
24 Aug 2026 11:25 PM IST
मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम पर अभद्र टिप्पणी, इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ FIR
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा के विरुद्ध सोशल मीडिया पर कथित रूप से अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर रायपुर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट, पोस्ट और टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पहचान सहित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रवादी विचारक वीरेंद्र दुबे ने इस मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंस्टाग्राम पर सागर निर्मलकर नाम से संचालित एक आईडी से वीडियो पोस्ट किया गया था। इसी वीडियो पर @quail.3131469 नामक इंस्टाग्राम अकाउंट से कथित तौर पर अश्लील गालियों और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणी की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि टिप्पणी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा को निशाना बनाया गया। सार्वजनिक पदों पर आसीन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ इस तरह की भाषा के प्रयोग को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने उपलब्ध जानकारी और सोशल मीडिया सामग्री का प्रारंभिक परीक्षण किया। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 353(2) और 356 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इन धाराओं के अंतर्गत सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाले कृत्य, झूठी अथवा भ्रामक सूचना से संबंधित मामले और मानहानि जैसे आरोपों की जांच की जाती है। हालांकि, संबंधित धाराओं का अंतिम परीक्षण और आरोपों की पुष्टि पुलिस विवेचना तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
पुलिस मामले से जुड़े वीडियो, कमेंट और इंस्टाग्राम अकाउंट की तकनीकी जानकारी जुटाने में लगी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला अकाउंट किस व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही पोस्ट कब और किन परिस्थितियों में अपलोड की गई, टिप्पणी को कितने लोगों ने देखा और उसे आगे साझा किया गया या नहीं, इन बिंदुओं की भी जांच की जा सकती है।
सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, इंटरनेट प्रोटोकॉल से संबंधित जानकारी और अन्य तकनीकी तथ्यों का परीक्षण करेगी। जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्लेटफॉर्म से भी जानकारी मांगी जा सकती है। अकाउंट संचालक की पहचान होने के बाद उसे नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाने या अन्य वैधानिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज किया है। जांच पूरी होने से पहले टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पहचान और आरोपों की सत्यता को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े सभी तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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